सख्ती का असर: वेतन अवरुद्द का आदेश जारी होते ही प्रधानाध्यापकों ने लगाना शुरू की छात्रों की डिजिटल उपस्थित
महत्वपूर्ण शर्तों के साथ आदेश हुआ जारी

सख्ती का असर: वेतन अवरुद्द का आदेश जारी होते ही प्रधानाध्यापकों ने लगाना शुरू की छात्रों की डिजिटल उपस्थित
मथुरा/देवेन्द्र शर्मा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्रीमती रतन कीर्ति ने 11 दिसंबर को पत्र जारी करते हुए जनपद के 1384 प्रधानाध्यापकों का अग्रिम आदेशों तक वेतन अवरुद्ध करने का आदेश जारी किया था। क्योंकि इन प्रधानाध्यापकों द्वारा छात्र-छात्राओं की डिजिटल उपस्थित नहीं की जा रही थी। विभागीय कार्यों की अवहेलना मानते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्रीमती रतन कीर्ति ने इन प्रधानाध्यापकों का वेतन अवरुद्ध कर दिया था। बेसिक शिक्षा अधिकारी के कड़े रुख के बाद 13 दिसंबर को 523 प्रधानाध्यापकों ने डिजिटल उपस्थित प्रारंभ कर दी है। अब प्रधानाध्यापकों के द्वारा विभागीय कार्य में रुचि लिए जाने के कारण वेतन बहाल का आदेश इस शर्त के साथ किया गया है कि भविष्य में प्राथमिकता के आधार पर डिजिटल रजिस्टर के अंतर्गत उपलब्ध पंजीकाओं के डिजिटाइजेशन के साथ-साथ छात्र उपस्थिति पंजिका के माध्यम से प्रतिदिन छात्रों की उपस्थिति अंकित करना सुनिश्चित करेंगे।
साथ ही बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा पत्र जारी करते हुए अवगत कराया गया है कि बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत अध्यापक अध्यापिकाओं को केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा की तैयारी हेतु अनुमति प्रदान की जाती है लेकिन कोई भी अध्यापक अध्यापिका विद्यालय समय में केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा की तैयारी नहीं करेगा, न हीं किसी को विशेष अवकाश प्रदान किया जाएगा।



