निलंवित प्रधानाध्यापक जान मोहम्मद सवेतन हुए बहाल*
आरोप सिद्ध न होने के कारण मूल विद्यालय में हुए बहाल

*निलंवित प्रधानाध्यापक जान मोहम्मद सवेतन हुए बहाल*
आरोप सिद्ध न होने के कारण मूल विद्यालय में हुए बहाल
मथुरा/देवेन्द्र शर्मा। आपको बता दें मामला प्राथमिक विद्यालय नौहझील प्रथम का है। दुर्गेश प्रधान मंडल अध्यक्ष बाजना ने 30 जनवरी को बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में एक शिकायती पत्र दिया था। जिसमें प्रधानाध्यापक जान मोहम्मद पर गंभीर आरोप लगाए गए थे।
बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जाँच आख्या के आधार पर 31 जनवरी को निलंवित कर दिया था। प्रकरण की जांच के लिए खण्ड शिक्षा अधिकारी छाता व खंड शिक्षा अधिकारी मांट को जांच समिति में जॉन अधिकारी बनाते हुए 01 माह में रिपोर्ट देने हेतु निर्देशित किया गया था। लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच समिति को जाँच 03 दिन में देने हेतु आदेशित किया गया। जाँच अधिकारीयों ने विद्यालय में उपस्थित होकर छात्रों, अभिभावकों एवं अध्यापकों आदि से साक्ष्य प्राप्त किये।
साक्ष्यओं के आधार पर जांच समिति को दुर्गेश प्रधान द्वारा की गई शिकायत पूरी तरह से झूठी साबित हुई, प्रधानाध्यापक पर कोई भी आरोप सिद्ध नहीं हो सका। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि उक्त जांच के आधार पर निलंबित प्रधानाध्यापक जान मोहम्मद को निलंबन तिथि से सवेतन बहाल करते हुए उनके मूल विद्यालय में ही उनकी बहाली कर दी गई है।



