दिल्ली अदालत का बड़ा फैसला: विवादित फिल्म पर रोक, पंडित विष्णु शर्मा ने बताया समाज के सम्मान की रक्षा
ब्राह्मण समाज सदैव ज्ञान,

दिल्ली अदालत का बड़ा फैसला: विवादित फिल्म पर रोक, पंडित विष्णु शर्मा ने बताया समाज के सम्मान की रक्षा
मथुरा/बाँके शर्मा। फिल्म “घूसखोर पंडित” पर दिल्ली की अदालत द्वारा रोक लगाए जाने के फैसले का राष्ट्रीय ब्राह्मण सेवा संघ ने स्वागत किया है। इस संबंध में संघ के प्रदेश अध्यक्ष उत्तर प्रदेश पंडित विष्णु शर्मा ने इसे ब्राह्मण समाज की भावनाओं, गरिमा और आत्मसम्मान की रक्षा करने वाला ऐतिहासिक निर्णय बताया।
पंडित विष्णु शर्मा ने कहा कि फिल्म का शीर्षक समाज विशेष को लक्षित कर अपमानित करने वाला था, जिससे ब्राह्मण समाज में आक्रोश और पीड़ा का वातावरण बन रहा था। उन्होंने कहा कि ऐसे शीर्षक न केवल समाज की छवि को ठेस पहुंचाते हैं, बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी प्रभावित करते हैं।
प्रदेश अध्यक्ष पंडित विष्णु शर्मा ने कहा,
“ब्राह्मण समाज सदैव ज्ञान, संस्कृति और सनातन परंपराओं का वाहक रहा है। किसी भी रचनात्मक स्वतंत्रता के नाम पर समाज विशेष को अपमानित करना स्वीकार्य नहीं हो सकता। अदालत का यह फैसला समाज के सम्मान और गरिमा की स्पष्ट रक्षा करता है।”
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ब्राह्मण सेवा संघ लंबे समय से इस विषय पर शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से अपनी बात रख रहा था। अदालत द्वारा लिया गया निर्णय उन लाखों लोगों की भावनाओं का सम्मान है, जो अपनी परंपराओं और पहचान को लेकर संवेदनशील हैं।
पंडित विष्णु शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भविष्य में यदि किसी भी माध्यम—फिल्म, साहित्य या सोशल मीडिया—के द्वारा ब्राह्मण समाज या सनातन परंपराओं को अपमानित करने का प्रयास किया गया, तो राष्ट्रीय ब्राह्मण सेवा संघ कानूनी कार्रवाई करेगा और समाज के आत्मसम्मान की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा।
अंत में उन्होंने याचिकाकर्ता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह फैसला न केवल ब्राह्मण समाज, बल्कि संपूर्ण सनातन समाज के आत्मसम्मान, एकता और न्याय की जीत है।



