बच्चों को जबरन नमाज़ पढ़ाने के आरोप में प्रधानाध्यापक निलंबित*
बेसिक शिक्षा अधिकारी ने मामले को संज्ञान में लेकर की कार्यवाही

*बच्चों को जबरन नमाज़ पढ़ाने के आरोप में प्रधानाध्यापक निलंबित*
बेसिक शिक्षा अधिकारी ने मामले को संज्ञान में लेकर की कार्यवाही
मथुरा/देवेन्द्र शर्मा। नौझील प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर छोटे बच्चों का ब्रेनवॉश करने, उन्हें नमाज अदा करने के लिए मजबूर करने और एक विशिष्ट धर्म का प्रचार करने का आरोप लगाया गया था।
बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री मती रतन कीर्ति ने मामले का संज्ञान लिया। प्रधानाध्यापक को प्रथम दृष्टया दोषी पाया और उन्हें निलंबित कर दिया।
बीएसए को एक शिकायती पत्र सौंपा गया, जिसमें आरोप लगाया गया कि प्रधानाध्यापक जान मोहम्मद, बच्चों को बहला-फुसलाकर इस्लाम की ओर प्रेरित करते थे, उनका ब्रेनवॉश करते थे और उनसे नमाज़ पढ़वाते थे।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि उसने हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया और हिंदू धर्म के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया था कि बच्चों पर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए दबाव डालने के उद्देश्य से प्रधानाध्यापक की उपस्थिति में इस्लामी उपदेशकों को विद्यालय परिसर में बुलाया गया था।
बच्चों को यह भी बताया गया कि इस्लाम दुनिया का सबसे अच्छा धर्म है।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि विद्यालय में राष्ट्रगान नहीं गाया गया। अगर बच्चे इसे गाने की कोशिश करते थे, तो उन्हें डांट पड़ती थी, और प्रधानाचार्य स्वयं कभी राष्ट्रगान नहीं गाते थे।
महिलाओं के प्रति उनके आचरण को लेकर भी आपत्तियां उठाई गईं। जिन्होंने कथित तौर पर बदनामी के डर से खुलकर शिकायत नहीं की।
शिकायती पत्र पर कार्रवाई करते हुए और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर, बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्रधानाध्यापक जान मोहम्मद को प्रथम दृष्टया दोषी पाया और उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया तथा उन्हें नगला हुमायूं प्राथमिक विद्यालय मांट में सम्बद्ध कर दिया।
बीएसए ने इस पूरे मामले की विस्तृत जांच करने और जल्द ही रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए बीईओ छाता और बीईओ मांट की दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है।

