बाल्य देखभाल अवकाश को लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जारी की एडवाइजरी
CCL महिला शिक्षिकाओं का वैधानिक अधिकार- बीएसए

बाल्य देखभाल अवकाश को लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जारी की एडवाइजरी
CCL महिला शिक्षिकाओं का वैधानिक अधिकार- बीएसए
मथुरा /देवेन्द्र शर्मा। बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री मती रतन कीर्ति ने हमारे संवाददाता को बताया कि 6-24 माह के शिशु की माता, महिला शिक्षिका को चाइल्ड केयर लीव (CCL) प्रदान किया जाना मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे प्रकरणों में शिशु की देखभाल को दृष्टिगत रखते हुए आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक शिक्षकों की व्यवस्था भी की जाती है, ताकि शैक्षणिक कार्य प्रभावित न हो।
उन्होंने आगे बताया कि निस्संदेह, CCL महिला शिक्षिकाओं का वैधानिक अधिकार है, और इस अधिकार के संरक्षण हेतु मैं निरंतर प्रयासरत रहती हूँ।
बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री मती रतन कीर्ति ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन महिला शिक्षिकाओं के बच्चे 8-10 वर्ष अथवा उससे अधिक आयु के हैं, शायद वे CCL Apply करने से बच सकती हैं। क्योंकि विभाग की कुछ अपरिहार्य शैक्षणिक एवं प्रशासनिक जिम्मेदारियाँ भी होती हैं, जिनमें प्रमुख रूप से जैसे-बोर्ड परीक्षाओं से संबंधित दायित्व,विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षाओं का आयोजन,विद्यालयों की नियमित एवं सुचारु शैक्षणिक व्यवस्था आदि।
इन परिस्थितियों में यह अपेक्षित है कि सभी शिक्षिकाएँ अपनी नैतिक एवं विभागीय जिम्मेदारियों को भी समझें तथा अत्यावश्यक न हो तो ऐसे समय में CCL हेतु आवेदन करने से परहेज़ करें।
साथ ही, विभागीय कार्यों की निरंतरता एवं सुचारु संचालन को ध्यान में रखते हुए यह अपेक्षा की जाती है कि CCL की अवधि यथासंभव 20 दिवस या उससे कम रखी जाए, जिससे समस्त विभागीय कार्य समयबद्ध एवं व्यवस्थित रूप से संपादित किए जा सकें।
. (जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी,मथुरा)



