ब्रह्माकुमारीज़ संस्था के संस्थापक ब्रह्मा बाबा की 57 वी पुण्यतिथि विश्व शांति दिवस के रूप मे मनाई गई
सेवा केंद्र पर विशेष मौन तपस्या और ब्रह्मा भोजन का आयोजन किया गया।

ब्रह्माकुमारीज़ संस्था के संस्थापक ब्रह्मा बाबा की 57 वी पुण्यतिथि विश्व शांति दिवस के रूप मे मनाई गई
मथुरा/देवेन्द्र शर्मा। ब्रहमाकुमारी संस्था के स्थानीय सेवाकेद्र रिफाइनरी नगर मे संस्था के साकार संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा की 57 वी पुण्यतिथि विश्व शांति दिवस के रूप मे विविध आयोजनो के साथ मनाई गई ।इस अवसर पर सेवा केंद्र पर विशेष मौन तपस्या और ब्रह्मा भोजन का आयोजन किया गया।
उक्त अवसर पर सेवा केंद्र प्रभारी राजयोगिनी बी के कृष्ण दीदी जी ने मानवीय मूल्यो की कमी को सामाजिक पतन का मूल कारण बताते हुए कहा कि ब्रह्मा बाबा का जीवन मानवीय मूल्यो के उत्थान एवं विश्व शांति की स्थापना हेतु समर्पित रहा, ब्रह्मा बाबा का जीवन त्याग,तप, करुणा ,दिव्यता एवं पवित्रता रूपी गुणो से सम्पन्न होकर ,नारियों को मातृशक्ति के रूप मे स्थापित किया। डॉ करुणा बहन ने बताया कि ब्रह्मा बाबा ने भाषा रंग रूप धर्म आदि अनेक भेदो से ऊपर उठ कर नैतिक आदर्श ,संयमित और संतुलित जीवन के द्वारा जन-जन मे आध्यात्मिक जाग्रति लाने का भागीरथ कार्य किया। परमात्मशक्ति अपर अटूट निश्चय और सम्पूर्ण समर्पण की भावना ने ही आज संस्था को कोमल पौधे से विशालवटवृक्ष के मुकाम पर पहुंचाया है ।
इस अवसर पर पूर्व छेत्रीय विधायक ठा कारिंदा सिंह ने संस्था के मुख्यालय माउंट आबू मे अपने प्रवास के अनुभवो को साझा करते हुए बताया कि संस्था वैश्विक स्तर पर, विश्व के लगभग 145 देशो मे, भारत की पुरातन संस्कृति और राजयोग की शिक्षा देकर भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने की दिशा मे सराहनीय कार्य कर रही है ।मथुरा रिफाइनरी मे जनरल मैनेजर श्री डी सी वर्मा जी ने अपने सम्बोधन मे मेडीटेशन को अपनी दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाने पर विशेष ज़ोर दिया,उन्होने बताया कि चाहे कारपोरेट जगत की उथापुथल हो या स्टूडेंट लाइफ का तनाव , हर छेत्र मे मेडीटेशन का अभ्यास वैज्ञानिक रूप से अत्यंत कारगर है।
इस आयोजन मे मथुरा रिफाइनरी के जी एम श्री कौशलेन्द्र कुमार ,अधिकारीगण ,मथुरा शहर के विशिष्ट गणमान्य जनों और सुदूर ग्रामीण अंचलो से पधारे राजयोग के साधकों ने बड़ी संख्या मे सहभागिता की ।मंच संचालन बी के मनोज भाई ने किया,आयोजन को सफल बनाने मे बी के पूजा मनोहर,दामोदर,कमल,उमेश,सुखवीर,लालसिंह,श्याम,हरिओम,देशवीर,आलोक,नीलम,बसंती,नीतू,सरिता,मीनाछी,रजनी,दामिनी आदि का विशेष योगदान रहा।



