जिंदा मिली मृत विवाहित ससुराल वालों पर था हत्या का आरोप
गाजीपुर – जिले के सैदपुर क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और स्थानीय लोगों को हैरान कर दिया। जिस विवाहिता की कथित हत्या का आरोप लगाकर पूरा परिवार जेल भेजे जाने की कगार पर था, वह युवती जिंदा मिली — अपने प्रेमी के साथ मध्य प्रदेश में नई जिंदगी जीती हुई।दरअसल, सादात थाना क्षेत्र के बरहपार भोजूराय गांव की राजवंती देवी ने 3 अक्टूबर को पुलिस कप्तान को प्रार्थना पत्र देकर दावा किया था कि उनकी बेटी रुचि की हत्या कर दी गई है और शव को छिपा दिया गया है. राजवंती की शिकायत पर पुलिस ने रुचि के पति राजेंद्र कुमार (निवासी हथौड़ा गांव, थाना खानपुर) समेत छह ससुराल वालों के खिलाफ दहेज हत्या समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया था.
पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा
जांच की जिम्मेदारी सीओ रामकृष्ण तिवारी को सौंपी गई. पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए सर्विलांस टीम की मदद ली, तो सच्चाई ने सबको स्तब्ध कर दिया. मोबाइल लोकेशन के आधार पर पता चला कि रुचि जिंदा है और मध्य प्रदेश के ग्वालियर क्षेत्र में रह रही है. पुलिस टीम वहां पहुंची तो वह अपने प्रेमी गजेंद्र के साथ दूसरी शादी करके नया जीवन बिता रही थी.रुचि ने पुलिस को बताया कि उसकी पहली शादी उसकी मर्जी के खिलाफ हुई थी. वर्ष 2019 में 10वीं कक्षा के दौरान उसकी मुलाकात रेवई गांव के गजेंद्र से हुई थी, और तभी से दोनों के बीच प्रेम संबंध थे. शादी के बाद भी संपर्क बना रहा और एक दिन वह अपने प्रेमी के साथ ससुराल छोड़कर चली गई.
झूठा मुकदमा करने वालों पर होगी कार्रवाई- पुलिस
वहीं, रुचि की मां ने बताया कि उन्हें कुछ ग्रामीणों ने गुमराह कर दिया था कि उनकी बेटी की हत्या कर शव गायब कर दिया गया है. अब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हत्या की कहानी पूरी तरह फर्जी थी और झूठे आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया गया था. सीओ रामकृष्ण तिवारी ने बताया कि इस मामले में झूठी शिकायत दर्ज कराने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यह मामला न सिर्फ पुलिस की सतर्कता का उदाहरण है बल्कि यह भी दिखाता है कि झूठे आरोपों से निर्दोषों को फंसाने के लिए कैसी भी कहानी गढ़ी जा सकती हैं.


